Hello friends, this is my 50th episode, So, reciting a famous poetry by renowned poet Mahadevi Verma ji. She is known as Modern Meera. Chaayaawaad ki pramukh stambh hain She is one of my favourite poet. जो तुम आ जाते एक बार जो तुम आ जाते एक बार
कितनी करुणा कितने सँदेश, पथ में बिछ जाते बन पराग,

गाता प्राणों का तार-तार

अनुराग-भरा उन्माद-राग; आँसू लेते वे पद पखार !

जो तुम आ जाते एक बार ! हँस उठते पल में आर्द्र नयन

घुल जाता ओठों से विषाद, छा जाता जीवन में वसंत

लुट जाता चिर-संचित विराग; आँखें देतीं सर्वस्व वार |

जो तुम आ जाते एक बार !

– महादेवी वर्मा Thank you so much for watching!